किसी के प्रति आकर्षित होना मानव स्वभाव है, पर अपने आकर्षण से उपजी काम भावना को प्रेम करार नहीं दिया जाना चाहिए। प्रेम और वासना जुड़ कर भी दो अलग विषय हैं। दोनों को एक समझना ऐसा ही है जैसे मूलाधार और सहस्रार को एक समझ लेना।
— #पराम्बा 👣 (@ShaktiSaarani) May 4, 2020
Listen in:
Listen in: Political Analyst Sanjay Gupta presents his view over ' #RheaDrugsChat '. | @thenewshour AGENDA with Padmaja Joshi. pic.twitter.com/UVPfnGPOZ5 — TIMES NOW (@TimesNow) August 25, 2020
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