किसी के प्रति आकर्षित होना मानव स्वभाव है, पर अपने आकर्षण से उपजी काम भावना को प्रेम करार नहीं दिया जाना चाहिए। प्रेम और वासना जुड़ कर भी दो अलग विषय हैं। दोनों को एक समझना ऐसा ही है जैसे मूलाधार और सहस्रार को एक समझ लेना।
— #पराम्बा 👣 (@ShaktiSaarani) May 4, 2020
Comments
Post a Comment